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इस वेबसाईट का मुख्य उद्देश्य जैन धर्म की प्रभावना एवं आर्यिका श्री १०५ विज्ञान मति माताजी के समस्त संघ की आहार विहार की जानकारी एवं उनके द्वारा रचित कृतियों को जन जन तक पहुंचाना है,साथ ही अहिंसा और स्वाध्याय के माध्यम से जैन धर्म का पर्चम लहराना है। आप अपने सुझाव हमारे दिए हुए संपर्क सूत्र पर प्रेषित कर सकते हैं।

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