Site logo Site logo


  • होम
  • गुरु परंपरा
  • परिचय
    • दीक्षित आर्यिका
      • समाधिस्थ आर्यिका श्री 105 वृषभमति माताजी
      • आर्यिका श्री 105 आदित्यमति माताजी
      • आर्यिका श्री 105 पवित्रमति माताजी
      • आर्यिका श्री 105 गरिमामति माताजी
      • समाधिस्थ आर्यिका श्री 105 सम्भवमति माताजी
      • आर्यिका श्री 105 वरदमति माताजी
      • आर्यिका श्री 105 शरदमति माताजी
      • आर्यिका श्री 105 चरणमति माताजी
      • आर्यिका श्री 105 करणमति माताजी
      • आर्यिका श्री 105 शरणमति माताजी
      • आर्यिका श्री 105 सुवीरमति माताजी
      • आर्यिका श्री 105 सुयशमति माताजी
      • आर्यिका श्री 105 उदितमति माताजी
      • आर्यिका श्री 105 रजतमति माताजी
    • ब्रह्मचारणी बहनें
      • ब्र. प्रियंका दीदी
      • ब्र. मीना दीदी
      • ब्र. राशि दीदी
      • ब्र. मोना दीदी
      • ब्र. अंजली दीदी
      • ब्र. पूजा दीदी
      • ब्र. सोनू दीदी
      • ब्र. बबीता दीदी
      • ब्र. नम्रता दीदी
      • ब्र. खुशबू दीदी
      • ब्र. सोनल दीदी
  • साहित्य मंजूषा
    • पद्यात्मक
      • बृहद् विधान
      • विधान
      • पर्व विधान
      • विशेष विधान
      • पद्यात्मक काव्य
    • गद्यात्मक
      • सिद्धांत ग्रंथ
      • नैतिक साहित्य
      • श्रावकचर्या संबंधी साहित्य
      • जीवनी
      • पूज्य आर्यिका श्री की करुणा
      • आर्यिका संघ द्वारा संकलित साहित्य
      • पूज्य आर्यिका श्री की जीवन व्रत पर आधारित कृति
  • विज्ञान वाणी
    प्रवचन वीडियो प्रवचन औडियो संगीतमय विधान अन्य वीडियो कक्षाएं
  • गैलरी
  • विशेष
    औषधि मंजूषा सुविचार संस्कार मञ्जूषा चातुर्मास जानकारी
  • हमारे बारे मे

नैतिक साहित्य

None

blog-image
105

संस्कार मञ्जूषा ( पूर्वार्द्ध )

None

blog-image
77

संस्कार मञ्जूषा ( उत्तरार्द्ध )

None

blog-image
27

बाल संस्कार मञ्जूषा ( भाग - १ )

None

blog-image
17

बाल संस्कार मञ्जूषा ( भाग - २ )

None

blog-image
111

शील मञ्जूषा

None

blog-image
18

पलायन क्यों ?

None

blog-image
11

अच्छी सास

None

blog-image
11

बहू कैसी ?

None

blog-image
15

समझदार बेटा

None

blog-image
31

संस्कारित बेटी

None

blog-image
20

सभ्य परिवार

इस वेबसाईट का मुख्य उद्देश्य जैन धर्म की प्रभावना एवं आर्यिका श्री १०५ विज्ञान मति माताजी के समस्त संघ की आहार विहार की जानकारी एवं उनके द्वारा रचित कृतियों को जन जन तक पहुंचाना है,साथ ही अहिंसा और स्वाध्याय के माध्यम से जैन धर्म का पर्चम लहराना है। आप अपने सुझाव हमारे दिए हुए संपर्क सूत्र पर प्रेषित कर सकते हैं।

Quick Links
  • Guru Parampara
  • Gallery
  • Contact Us
Contact Us

9993967184 , 8357958209

aaryikavigyanmatiji.in@gmail.com

श्री 1008 चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर, उदय नगर, बंगाली चौराहा के पास, इंदौर (म.प्र.)


Copyright © AARYIKAVIGYANMATIJI - All Rights Reserved.
Maintained by VIDYAYATAN